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Bigg Boss OTT 3: अरमान-कृतिका ने पार की सारी हदें, रात के अंधेरे कंबल के अंदर हुए इंटीमेट

बिग बॉस ओटीटी 3 (Bigg Boss OTT 3) में इन दिनों जबरदस्त हंगामा देखने को मिल रहा है। शो से अब तक 4 लोग घर से बेघर हो चुके हैं, जिनमें नीरज गोयत, पायल मलिक, मुनीषा और पौलोमी का नाम शामिल है। पिछले हफ्ते शो में बाहरवाले ने मिड वीक इविक्शन को रोक दिया था। वहीं इस हफ्ते घर से बेघर होने के लिए लवकेश, विशाल, शिवानी, चंद्रिका और अरमान मलिक का नाम शामिल है। अब इसी बीच बिग बॉस ओटीटी 3 का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अरमान मलिक अपनी दूसरी पत्नी कृतिका (Kritika Malik) के साथ कंबल में इंटीमेट होते नजर आ रहे हैं।

बिग बॉस (Bigg Boss) हाउस में इंटीमेट हुए अरमान और कृतिका

बिग बॉस ओटीटी 3 (Bigg Boss OTT 3) के इस वीडियो को एक्स पर शेयर किया गया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि अरमान मलिक कंबल में अपनी दूसरी बीवी कृतिका (Kritika Malik) के साथ रोमांटिक हो रहे हैं। इस वीडियो में अरमान और कृतिका बेहद ही खुश लग रहे हैं। अरमान और कृतिका के इस वीडियो पर लोग खूब कमेंट कर रहे हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “इन्हीं लोगों के कारण हमारे पैरेंट्स हम नादान बच्चों को बिग बॉस नहीं देखने देते।” एक दूसरे यूजर ने लिखा, “ये क्या हरकत है, ये बिग बॉस है फैमिली शो।”

अरमान और कृतिका का वीडियो

बिग बॉस ओटीटी 3 में बचे हैं ये कंटेस्टेंट

बता दें कि बिग बॉस ओटीटी 3 में यूट्यूबर अरमान मलिक अपनी दोनों बीवियों पायल और कृतिका मलिक के साथ एंट्री मारी थी। पायल शो के दूसरे हफ्ते में ही बिग बॉस के घर से बेघर हो गई थी, जिसका फैंस को तगड़ा झटका लगा। हालांकि बिग बॉस ओटीटी 3 से बाहर आते ही पायल ने घरवालों पर जमकर निशान साधा। बताते चलें कि नीरज गोयत, पायल मलिक, पौलोमी और मुनीषा के बाद अब घर में केवल 12 कंटेस्टेंट्स बचे हैं, जिनमें विशाल पांडे, अरमान मलिक, कृतिका मलिक, रणवीर शौरे, नेजी, चंद्रिका दीक्षित, सना मकबूल, सना सुल्तान, साई केतन राव, लवकेश कटारिया शामिल हैं।

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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